chamatkari vastu shastra totke, dhan Prapti ke 28 totke - MANTRAMOL

chamatkari vastu shastra totke, dhan Prapti ke 28 totke

Dhan Prapti ke 28 chamatkari Vastu Shastra totke।। धन प्राप्ति के 28 चमत्कारी वास्तु शास्त्र टोटके

 

chamatkari vastu shastra totke, dhan Prapti ke 28 totke

धन प्राप्ति के लिए घर का वास्तु शास्त्र 

दोस्तों आज मैं आपको ( Chamatkari vastu shastra totke ), धन प्राप्ति के वास्तु शास्त्र के 28 चमत्कारी टोटके बताने जा रहा हूँ ? आज के समय मे हर इंसान को पैसे की आवश्यकता होती है ? क्योंकि महंगाई बढ़ती जा रही है ! और हमारी आमदनी घटती जा रही है ! इसके पीछे और भी बहुत‌ से कारण हो सकते है।

एक बड़ा कारण ये भी हैं ! हमारे देश की‌ बढ़ती जनसंख्या ! और नौकरी व कार्य बिल्कुल कम हो गये है ! बेरोजगारी ने हमारे देश मे पैर पसार लिए है ! जिसके कारण हर इंसान गरीब से अमीर बनना चाहता। है ! आज हम आपको कुछ धन प्राप्ति के वास्तु शास्त्र, के चमत्कारी टोटके बताने जा रहा है।

वास्तु शास्त्र गलत होने के बुरे प्रभाव

दोस्तों अगर आपके घर का वास्तु शास्त्र सही नही है ? तो इसका आपके जीवन पर बहुत गहरा प्रभाव पढ़ता है ! जैसे घर मे क्लेश, नौकरी न लगना, कार्य ठप्प पड़ जाना ! धन की कमी होने लगती है ! और कर्ज़ चढ़ने लगता है ! आपके घर से बीमारियाँ जाने का नाम नही लेती।

घर मे मनहूसियत बनी रहती है। बिना मतलब का घर मे नुकसान होने लगता है। इसके इलावा और बहुत से बुरे प्रभाव देखने को मिलते है। अगर आप वास्तु शास्त्र के हिसाब से अपना घर बनाते है ! तो आप इन सब परेशानियों से बच सकते है ! हम आपको नीचे कुछ उपाय बताने जा रहे है। 👇

वास्तु शास्त्र के धन प्राप्ति के 28 चमत्कारी टोटके ?

1. घर की उत्तर दिशा में मछली रखने से, अथवा अन्य कोई ” जल का फब्बारा” होने माँ लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है !

2. ईशान कोण ! (पूर्व व उत्तर के बीच वाला कोना ) में ” श्वेतार्क गणपति ” की स्थापन कर, पूजा-अर्चना करने से माता लक्ष्मी की कृपया बनी रहती है।

3. आपके निवास स्थान के नैऋत्य कोण ! अत्यन्त भारी तथा बीच का स्थान जितना अधिक शुद्ध व निर्माण रहित होगा वहाँ माँ लक्ष्मी की किरप हमेशा बनी रहेगी |

4. निवास के पूर्व में वट, पश्चिम में पीपल, दक्षिण में गूलर व उत्तर दिशा में पलास वृक्ष शुभ होते हैं !
और लक्ष्मी माता की कृपा बनी रहती है !

5. घर अथवा कार्यालय की चार दीवारी के बाहर
सफेद आक का वृक्ष लगाने से लक्ष्मी माता की कृपा बनी रहती है !

6. ईशान कोण ! जितना अधिक नीचा तथा नैऋत्य कोण ! जितना अधिक ऊँचा होगा वहाँ आय के स्त्रोत अधिक होंगे ! यदि ईशान कोण ऊँचा होता है तो | हानि भी अधिक होती है ! अत: इस दोष से मुक्ति पाने के लिए ! नैऋत्य कोण से ईशान कोण के निर्माण की ऊँचाई से अधिक ऊँचाई वाला पीले अथवा केशरिया रंग का झण्डा लगा दें।

7. नैऋत्य कोण ! के क्षेत्र में लगभग तीन फीट गहरा गड्ढा खोदकर, तीन लोहे के चुम्बक दबाने से, वास्तु दोष समाप्त होकर आय में वृद्धि होती है।

वास्तु शास्त्र भाग -1 ( Chamatkari vastu shastra totke ) ?

8. घर व कार्यालय के उत्तर व पूर्व दिशा में जितना अधिक जल का कार्य होगा ! उतनी अधिक माँ लक्ष्मी की कृपा बनी रहेगी ।

9. आग्नेय कोण (पूर्व व दक्षिण के बीच का कोना) में विद्युत मीटर, अथवा रसोई घर अधवा कोई अन्य अग्नि का कार्य करने से माँ लक्ष्मी की कृपा बनती है ! यदि इस क्षेत्र में लाल रंग का वल्ब सदैव जलता रहे तो बहुत शुभ होता है।

10. घर बनाने का कार्य पुनर्वसु नक्षत्र मे करना चाहिए ! जिसे आपके घर मे लक्ष्मी का वास बना रहेगा।

11. यदि आपको पहले से निर्मित निवास में, या दुकान अथवा व्यवसायिक स्थल में पुनः कुछ निर्माण करवाना है ! तो आरम्भ पश्चिम-दक्षिण से करें, तथा ईशान में सबसे बाद में निर्माण करें।

12. घर की पूर्व दिशा में जितना अधिक खाली स्थान होगा ! उतनी ही अधिक माँ लक्ष्मी की कृपा होगी

वास्तु शास्त्र भाग – 2 ( Chamatkari vastu shastra totke )

13. किसी भी कमरे के ईशान कोण में सफाई रखने के साथ, वहाँ पर कोई नुकीली वस्त तथा झाडू आदि नहीं रखनी चाहिए !

14. यदि आपके निवास के उत्तर दिशा में कोई खाली स्थान है ! तो आपको खरीद लेना चाहिए ! उसे अपने निवास स्थान से मिलाकर खुला छोड़ देने से सुख-समृद्धि प्राप्त होती है ?

15. पश्चिम दिशा में भारी वृक्ष लगाने से अच्छे परिणाम प्राप्त होते हैं !

16. निवास अथवा कार्यालय में नगदी, तथा आभूषण आदि सदैव उत्तर दिशा में रखना चाहिए !

17. पूर्व अथवा उत्तर दिशा में कभी भी सीढ़ियाँ नहीं बनवानी चाहिए ! सीढ़ी के लिए सबसे उचित स्थान नैक्त्य कोण होता है । सीढ़ी का घुमाव दायें होना चाहिए तथा पायदान विषम संख्या में होना चाहिए !

18. निवास में यदि दीवारों का रंग हल्का पीला, तथा छत का रंग सफेद हो तो माँ लक्ष्मी की कृपा सदैव ही बनी रहती है !

19. इंशान, पूर्व, उत्तर व वायव्य कोण जितने अधिक हल्के होंगे ! उतने ही अधिक समय तक माँ लक्ष्मी का घर में निवास होगा ! आप कभी भी जीवन में कर्जदार नहीं बनेंगे ?

वास्तु शास्त्र भाग -3 ( Chamatkari vastu shastra totke ) ?

20. निवास अथवा कार्यालय के कोणों में क्रमश: पूर्व में माणिक्य , आग्नेय में हीरा, दक्षिण में मूंगा, नैऋत्य में लाजवर्त गोमेद व लहसुनिया, पश्चिम में नीलम, वायव्य में मोती, उत्तर में पन्‍ना तथा ईशान में पुखराज अथवा इनके उप रत्न दबाए जाएँ ! तो माँ लक्ष्मी की असीम कृपा प्राप्त होती है ?

21. निवास के ब्रह्म स्थल पर तुलसी का पौधा लगाकर नियमित रूप से कपूर, तथा बृहस्पति वार को तुलसी पर दूध अर्पित करें, तो माँ लक्ष्मी की अपार कृपा प्राप्त होती है ?

22. निवास स्थान या व्यवसायिक स्थल में तिजोरी, कैश-बॉक्स, गल्ला, लॉकर अथवा धन रखने की अलमारी सदैव दक्षिण दिशा में इस प्रकार से रखनी चाहिए ! कि उसका मुँह उत्तर दिशा की ओर खुले ! इससे धन संग्रह में भरपूर वृद्धि होती है ?

23. धन रखने के स्थान में पाँच कौड़ी, शुद्ध चाँदी से निर्मित लक्ष्मी-गणेश, अथवा श्री यंत्र का सिक्का, अथवा सिद्ध कनकधारा यंत्र को लाल कपड़े की छोटी झोली में रखें ! इससे धन में वृद्धि होती है ?

वास्तु शास्त्र भाग -4 ( Chamatkari vastu shastra totke ) ?

24. आप अपने निवास, अथवा कार्यालय के मुख्य द्वार पर यह अवश्य ध्यान दें ? कि द्वार के ठीक सामने कोई अवरोध, कूड़े का ढेर, पेड़, बहता पानी, मंदिर की छाया अथवा दूसरे भवन का कोना, अथवा कोई वस्तु न हो ? ऐसा होने पर घर में. नकारात्मक ऊर्जा का अधिक प्रवेश होता है ! यदि आपके मुख्य द्वार पर ऐसा होता है ! तो मुख्य द्वार पर सीसा लगाएँ !

25. घर के मुख्य द्वार के अन्दर, और बाहर श्री गणेश की प्रतिमा लगाएँ ? तो नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होने के सांथ-साथ माँ लक्ष्मी के प्रवेश का मार्ग प्रशस्त होता है।

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26. आप अपने निवास के नैऋत्य कोण (पश्चिम व दक्षिण का कोणा) में सिद्ध वास्तु दोष निवारक यंत्र” अवश्य लगाएँ । इसके प्रभाव से आपके निवास अथवा व्यवसायिक स्थल के अनजाने वास्तु दोष स्वयं ही समाप्त हो जायेंगे।

27. निवास स्थान अथवा कार्यालय के ईशानकोण में देवी-देवताओं की तस्वीर लगाकर पूजा अर्चना करनी, चाहिए। रोज सफाई आदि भी करवाते रहना चाहिए, क्योंकि माँ लक्ष्मी का निवास स्थान वही होता है जहाँ रोज पूजा पाठ किया जाता है।

28. पूजा स्थल में अभिमंत्रित श्री यंत्र व कुबेर यंत्र को अवश्य रखना चाहिए, क्योंकि माँ लक्ष्मी का वचन है कि जिस स्थान पर अभिमंत्रित श्री यंत्र की पूजा अर्चना होगी वहाँ उन्हें रुकना ही होगा।

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दोस्तों हमने जो आपको ये 28 वास्तु शास्त्र के उपाय बताए है। इनको अपने जीवन मे अपनाने से आपकी सारी परेशानियां दूर हो जाएगी। आदेश

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