Rog mukti mantra totke ।। बीमारियों से मुक्ति के उपाय।

बीमारियों से मुक्ति पाने के मंत्र, टोटके व उपाय ।। Rog mukti mantra totke

 

आज हम‌ आपको ” Rog mukti mantra totke “,  के बारे मे बताने वाले है।

पाठकों रिसर्च मे सामने आया है ! कि आज हर तीसरा व्यक्ति रोगो से पीड़ित है। इनमे से बहुत व्यक्ति तो एक‌ से अधिक रोग से पीड़ित होंगे। वह अपने रोग उपचार के हेतु हर सम्भव प्रयास करते है। किंतु कोई लाभ नही मिलता। हम महंगे से महंगे डाक्टरो के पास इलाज करवाते है। किंतु उसे भी आपको कोई लाभ नही होता। आप पंडित, शास्त्रीयो के पास जाते है। और बहुत सारे उपाय करते है। फिर भी लाभ नही मिलता। इन्ह समस्याओं को देखकर हम‌ आपको कुछ उपाय व मंत्र बताने वाले है। इन्ह उपायो को करने के पश्चात आपको लाभ अवश्य होगा।

अकारण होने वाले रोग

  1. सब्जियों को अच्छी तरह न धोने के कारण।
  2. बाहर का खाना, फास्ट फूड, या ज्यादा मसालेदार खाने से भी स्वस्थ खराब होता है।
  3. Exercise, और व्यायाम न करने‌ से भी स्वस्थ खराब होता है।
  4. कुण्डली मे‌ ग्रह दोष होने से भी हमे रोगो का सामना करना पड़ता है।
  5. कुल‌ देवी देवताओं के द्वारा भी हमे कष्ट हो सकते है।
  6. पित्तर देवताओं की कोई भूल हुई हो। या फिर उन्हे हम भूल जाए।
  7. घर मे ज्योत बत्ती न करने से भी घर मे कष्ट रहते है।
  8. बीमारियों का मुख्य कारण होता है, मोटापा।
  9. मदिरा पान से बचे इसे भी स्वस्थ बहुत‌ खराब होता है।
  10. भूख से अधिक भोजन करने से भी‌ स्वस्थ खराब होता है।

 

रोगो से मुक्ति के उपाय

  1. प्रतिदिन सुबहा उठकर ब्रश करके। चौंकड़ी लगाकर 4 गिलास पानी पिये।
  2. स्वस्थ रहने के लिए रोज सुबहा दौड़ लगाए, और साइकिल चलाए।
  3. रोज सुबहा ग्रीन टी पीये और व्यायाम करें।
  4. रोज सुबहा नहा धोकर मंदिर जाए और स्वस्थ रहने की प्रार्थना करें।
  5. बीड़ी, सिगरेट, गुटका आदि का सेवन न करें।
  6. आवंला व ऎलोवेरा के जूस का रोज सुबहा खाली पेट सेवन करें।
  7. Cura trifala ras liquid का रोज सुबहा शाम सेवन करें।
  8. हरी सब्जियों का सेवन अधिक करें।
  9. रोज ताजे फलों का जूस पीये।
  10. गुलाकंद, आवंला, बेलगिरि व सेब के मुरब्बे का रोज सेवन करे।

 

रोग मुक्ति के चमत्कारी टोटके

  1. शनिवार के दिन सूर्य अस्त होने के बाद 2 लड्डू रोगी के उपर से बारकर काले कुत्ते को जिला हें।
  2. एक नारियल के गुट को उपर से थोड़ा काटकर उसने सात चीजें डालकर, सतनाजा तैयार करले और जहां ढ़ेर सारी चींटियाँ हो बहा दबा दे।
  3. एक सूखा नारियल लेकर रोगी के उपर से 7 बार फिरा कर नदी मे परवाह कर दें।
  4. बीमार व्यक्ति के पास रोजाना हनुमान चालीसा का पाठ करें।
  5. बीमार व्यक्ति को प्रतिदिन महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए।
  6. यदि आपके घर का कोई सदस्य सदैव बीमार रहता है। तो उसकी कुंडली दिखाए।क
  7. कुंडली मे यदि किसी भी ग्रह की बुरी दशा हो तो दान करें। या रत्न धारण करवाए।
  8. रात या दोपहर के 12 बजे 7 लौंग रोगी व्यक्ति के उपर से फिरा कर अग्नि मे डाले।
  9. हनुमान जी के बजरंग बाण या सुंदर कांड का पाठ करें।
  10. पित्तरो की सेवा करें।
  11. प्रतिदिन सुबहा मां दुर्गा के कवच का पाठ करें

 

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रोगो से मुक्ति के मंत्र भाग 1 

  1. आधाशीशी (आधे सिर दर्द) – ॐ नमो बन मे ब्यानी बानरी, उछर वृक्ष पर जाय। कूदि-कूदि शाखान पै, काचा वन फल खाय। आधा तोड़े आधा फोड़े, आधा देय गिराय। हुंकारत हनुमान जी, आधा शीशी जाय। ( रोगी का नाम ले)
  2. पीलिया रोग नाशक मंत्र – ॐ नमो वीर बैताल इसराल, नारकहेतु देव खादी तू बादी, पीलिया कुं भिदाती कारैं, झारैं पीलिया रहे न एक निशान, जो कही रह जाए तो हनुमन्त की आन, मेरी भक्ति गुरु की शक्ति फुरो मंत्र ईश्वरी वाचा। ( रोगी का नाम ले)
  3. दांत का दर्द नाशक मंत्र – ॐ अग्नि बान्धो अग्निशवर बांधू, सौ लाल विकाल बांधो, सौलाहे लोहार बान्धों, वज्र के निहाये वज्र धन दांत विंहाय तो महादेव की आन। ( रोगी का नाम लेकर दांतों पर फूंक मारे)
  4. कान दर्द नाशक मंत्र – ॐ बनाह गठि बनरी तो डांटे हनुमान, कंटा बिलारी बांधी थनैली कर्ण सूल सब जाये राम चंद्र का वचन पानी पथ हो जाय। ( रोगी का नाम ले)
  5. सर्प व बिच्छू बिष नाशक मंत्र – ॐ अं हरि मर्कटाय शेषनागाये विष स्वाहा दुहाई भोले नाथ नागराज की। (रोगी का नाम ले)
  6. पीरियड मे अधिक रक्त स्त्राव को रोकने हेतु मंत्र – ॐ नमो लोहित पिंगलाय मातंग राजानी स्त्रीनां रक्तं स्तंभ्य ॐ तदयाथा हुं सुर लघु, सुर लघु तिल-तिल, मिल-मिल स्वाहा। (स्त्री का नाम ले)

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रोगो से मुक्ति के मंत्र भाग 2 

  1. सभी प्रकार के रोग नाशक मंत्र – ॐ सं सां सिं सीं सुं सूं सें सैं सौं सं स: वं वां विं वीं वुं वूं वें वैं वों वौं वं व: हंस: अमृत वर्चसे स्वाहा ( साधक अपना नाम ले )
  2. बवासीर नाशक मंत्र -ॐ काका कता क्रोरी कर्ता, ॐ करता से होय, यरसना दश हूंस प्रकटे, खूनी बादी बवासीर न होय, मंत्र जान के न बताये, द्वादश ब्रह्म हत्या का पाप होय, लाख जप करे तो उसके वंश में न होय, शब्द साँचा, पिण्ड काँचा, हनुमान का मंत्र साँचा फुरो मंत्र ईश्वरोवाचा (रोगी नाम ले )
  3. सर्व रोग नाशक मंत्र – ॐ नमो आदेश गुरु का, काली कमली वाला श्याम उसको कहते है।‌ घन श्याम रोग नाशे, शोक नाशे नही तो कृष्ण की आन, राधा मीरा मनावे, अमुक का रोग जावे। ( अमुक के स्थान पर रोगी का नाम‌ ले)
  4. हर प्रकार के रोग नाशक मंत्र – ॐ वन मे बैठी वानरी अजनी जायो हनुमन्त, बाल डमरू ब्याही बिलाई, आख की पीड़ा, मस्तक की पीड़ा चौरासी बाई, बलि-बलि भस्म हो जाय, पक्के न फुटे पीड़ा करे तो गोरखयति रक्षा करें। गुरु कि शक्ति मेरी भक्ति फुरे मंत्र ईश्वरो वाचा। (रोगी का नाम ले)

 

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रोग मुक्ति मंत्रो को सिद्ध करने की विधि

पाठकों इन सब मंत्रो को आप सूर्य व चंद्र ग्रहण मे एक माला जाप करके सिद्ध कर सकते है।

इसके अतिरिक्त होली व दीपावली मे भी 10 माला जाप करके सिद्ध कर सकते है।

 

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मंत्र इस्तमाल की विधि 

आप इन मंत्रो को सिद्ध करके ! मोर के पंख से झाड़ा लगा सकते है। पानी पढ़कर दे सकते है। पाठकों इन मंत्रो को पढ़कर धागे पर फूंक मारकर गाठ लगाकर, जिस भी रोगी को गले मे धारण करवा देंगे तत्काल ठीक हो जायगा।

आज हमने आपको Rog mukti mantra totke बताए है। यदि आपको कुछ प्रशन पूछना है। तो हमे comments करके पूछ सकते है। आदेश

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