पित्तर देव शांति के 12 चमत्कारी उपाय। Pitar dev sidhi sadhna
आज हम आपको Pitar dev sidhi sadhna के बारे मे बताने वाले है। पितर देव कौन होते है ?
पित्तर देवता ” का हमारे जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है ? ” पित्तर देव ” शांति के उपाय ?
हम पित्तर देव सिद्धि साधना करके कैसे उनकी कृपा प्राप्त कर सकते है।
और भी बहुत सी बाते बताने वाला हूँ। ताकि आप इन सब उपायों से पित्तरो को शांत कर सकें।
वह आपके घर मे सुख शांति बनी रहे। पाठकों पित्तरो का हमारे जीवन मे विषेश स्थान होता है। वह हमारे घर परिवार के सदस्य होते है।
पित्तर देव कौन होते है।
पाठकों ” पित्तर देव ” वह होते है। जो समय से पहले ही मृत्यु को प्राप्त कर लेते है।
पित्तर वह बनते है। जो कुवारे (unmarried) होते है। उनकी गति नही हो पाती,
वह आत्मा के रूप मे धरती पर ही भ्रमण करते रहते है। इसके अतिरिक्त जिन्हें कोई भी संतान नही होती।
वह भी पित्तर का स्थान प्राप्त कर लेते है।
पित्तर देवता के बुरे प्रभाव
पाठकों यदि पित्तर देवता आपसे नाराज़ होते है। तो हमे बहुत सारी परेशानियों से गुजरना पड़ता है।
हमारे जीवन मे बहुत बड़े-बडे़ संकट आते है। और हमे बहुत बुरे दिनो से गुजरना पड़ता है।
तो जानिए पितर देवता के क्या-क्या बुरे प्रभाव पड़ते है।
- आपको व्यापार मे घाटा पड़ जाता है।
- आपको नौकरी नही मिलती ।
- घर मे हमेशा क्लेश रहता है।
- आपके कार्य मे विध्न आता है।
- आपके परिवार मे हमेशा कोई न कोई सदस्य बिमार रहता है।
- अगर किसी की कुंडली मे पित्तर दोष होता है। यदि वह विवाहित होता है। तो तलाक हो जाता है।
- पितर दोष के कारण, परिवार मे अकाल मृत्यु भी हो सकती है।
- पाठकों यदि पित्तर दोष लड़की की कुण्डली मे हो, तो उसके विवाह मे देरी हो सकती है।
पित्तर देवता के शुभ प्रभाव
यदि पित्तर देव प्रसन्न हो तो बहुत शुभ फल प्रदान करते है। और आपको क्या-क्या लाभ प्राप्त होते है। पित्तर देवता के शुभ प्रभाव जाने।
- घर मे सुख शांति बनी रहती है।
- आपको हर तरफ से मान सम्मान प्राप्त होता है।
- धन मे वृद्धि होती है।
- व्यापार (business) मे बढ़ोतरी होती है।
- अच्छी व आज्ञाकारी संतान प्राप्त होती है।
- यदि आपको पुत्र नही होता, तो पुत्र प्राप्ति होती है।
- आपके घर पर कुल देवी देवताओं की कृपा बनी रहती है।
- आपको जीवन मे हमेशा तरकि प्राप्त होती है।

पित्तर देव शांति उपाय
- प्रतिदिन सुबहा सूर्य को चढ़ाए । वह इस मंत्र का जाप करे। “ॐ पित्तर देवाए नम:”, ॐ पित्तर देव शांति-शांति।
- हर आमस्या के दिन गीता के अध्याय का पाठ करें। और सूर्य को जल चढ़ाए ।
- भगवान शिव के प्रदोष व्रत रखे। वह पित्तर शांति के लिए, प्रार्थना करें।
- हर सोमवार को शिवलिंग पर जल व आक् के फूल चढावे। और ॐ घोराय मंत्र का जाप करें।
- एकादशी के व्रत रखे। और भगवान विष्णु से पित्तर शांति के लिए, प्रार्थना करें।
- त्रयोदशी (16 सोमवार) के व्रत रखे। और शिवलिंग पर चल चढ़ाए ।
- राम अमृतवानी का पाठ करें। वह सूर्य देव को जल चढावे।
- प्रतिदिन सुबहा सूर्य उदय होने से पूर्व, पीपल की जड़ मे जल चढ़ाए । और देसी घी का दिपक भी जलाए।
- हर आमस्या के दिन देसी घी का दिपक जलाए। और प्रसाद चढ़ाए ।
- श्र्राध्दो की आमस्या को दान पुण करें।
- पित्तर शांति हवन करवाए।
- रोजाना पित्तरो का नाम लेकर कुत्तों को बिस्कुट खिलाए।
पित्तर देव साधना मंत्र
- ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं पित्तर देवाए नम:
साधना विधि
पाठकों यह साधना आपको आमस्या की रात्री से आरंभ करनी हैं ,
और आने वाली आमस्या तक करनी हैं, आपको रात के 10 बजे के बाद साधना आरंभ करनी हैं ,
आपको प्रतिदिन 11 माला जाप करना हैं , साधना के दोरान ब्रह्मचर्य व्रत का पालन करे,
मास-मदिरा का सेवन न करे , देसी घी का दीपक व धूप लगाए , पूरव दिशा की तरफ मुख करे,
उसके पश्चात संकल्प कर साधना आरंभ करे , मित्रों यदि आपको संकल्प क्या होता है ,
यह नहीं पता तो इसे पढ़े , और साधना आरंभ कर दें ,
Sankalp kya hota hai ।। संकल्प कैसे करते है।
आप साधना में शीधर सफलता चाहते है, तो आप हमारी इस पोस्ट को पढ़े ,
आपको मदद मिलेगी धन्यवाद



