Santan prapti mantra, tone totke, or upaye

संतान प्राप्ति के उपाय, मंत्र व टोन-टोटके।। Santan prapti mantra, tone totke, or upaye

 

आज हम आपको ” Santan prapti mantra, totke “, बताने वाले हैं ! इसके अतिरिक्त संतान न होने के कारण ? संतान प्राप्ति से जुड़ी और भी महत्व बातें बताने वाले हैं |

Santan prapti mantra, tone totke
Santan prapti mantra, tone totke

आज कल संतान न होना बहुत बड़ी समस्या बन गई है ! आप मे से बहुत लोग संतान प्राप्ति की समस्या से परेशान होंगे ! आप बहुत सारे डॉक्टरों के पास जाते है ! महंगे से महंगा इलाज करवाते है ! सके अतिरिक्त बहुत सारे उपाय व टोटके करते है ! किंतु लाभ नही मिलता ! वैसे संतान नही होने बहुत कारण हो सकते है ! आज हम आपको संतान प्राप्ति के उपाय, मंत्र व टोने-टोटके बताने वाले है ! इन सब उपायों द्वारा आपको 100 प्रतिशत लाभ होगा।

संतान प्राप्ति न होने के कारण

1. घर के कुल देवी-देवता के द्वारा रूकावट।
2. आपके पित्तर देवताओं के कारण।
3. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार स्त्री-पुरुष की नाड़ी का मिलना। नाड़ी 36 गुणो मे से एक होता है। नाड़ी कभी भी नही मिलनी चाहिए। अन्यथा संतान प्राप्ति मे बहुत बड़ी समस्या उत्पन्न हो जाती है।
4. स्त्रियों की नाड़ी (ट्यूब) ब्लाक हो जाने के कारण।
5. स्त्री की बच्चा धानी मे रसौली (cyst) होने के कारण ।
6. स्त्री के अकारण टेंशन लेने के कारण
7. पुरुष-स्त्री मे शुगर होने के कारण

साधना में सफलता पाने के उपाये

8. थाइरॉइड संतान‌ प्राप्ति मे बहुत बड़ा कारण होता है।
9. मोटापा होने के कारण
10. बच्चे धानी मे ब्लड व सिकुड़ जाने के कारण।
11. स्त्री-पुरुष मे सफ़ेद पानी की समस्या के कारण।
12. फ़ास्ट फ़ूड का अधिक मात्रा मे सेवन के कारण।
13. किसी भी तरह की तंत्र क्रिया द्वारा कोख बंधन।
14. बुरी आत्माओं, व भूत-प्रेत का शरीर पर सवार हो जाने के कारण। संतान प्राप्ति मे अड़चन आती है।

संतान प्राप्ति के टोटके

1. पूर्वा फाल्गुणी नक्षत्र में, बरगद के पेड़ की जड़ लाकर, लाल धागे के द्वारा स्त्री बाएं बाजू में धारण करे तो पुत्र प्राप्त होता है।

2. कृष्ण भगवान के सिद्ध बाल गोपाल यंत्र धारण करने से शीध्र गर्भ धारण होता है।

3. नींबू के पुराने पेड़ की जड़ को पीसकर दूध व घी मे मिलाकर पीने से पुत्र प्राप्ति होती है।

4. जन्म लेने के पश्चात्‌ जिस स्त्री का पुत्र मर जाता है। उसके पश्चात जिस भी रविवार को कृत्तिका नक्षत्र हो, उस दिन पीत पुष्पा नाम की जड़ ले आएँ उसे पानी में पीसकर सात दिन सेवन करे। तो संतान प्राप्त हो यदि आपको गर्भपात होता है।‌‌ तब भी यह उपाय‌ कर सकते है।

5. नागर मोथा, कंगुन, बेर, लाख रस और शहद बराबर मात्रा‌ मे लेकर पुराने चावल को धोकर, उसके‌ के पानी साथ 10 ग्राम की मात्रा में सात दिनों तक सेवन करे। तो‌ गर्भ धारण होवें।

6. कदम्ब का पत्ता, श्वेत श्रीखंड चन्दन, कटेरी की जड़ यह सब समान मात्रा मे लेकर बकरी के दूध में पीसें। तीन रात्रि या पाँच रात्रि
पीरियड के समय पीने से स्त्री अवश्य गर्भ धारण करती है।

7. रविवार को सुगंधरा की जड़, सफेद गौ के दूध के साथ पीस कर पीरियड के समय में पीने से संतान प्राप्ति होवें।

8. रजोधर्म शुद्धि के पश्चात्‌ काली अपराजिता की जड़ को बछड़ा वाली नवीन गौ के दूध में पीसकर तीन दिन पीने से, तत्पश्चात्‌ पति के साथ सहवास करने से संतान प्राप्ति होती है।

9. जिस गाय को बछड़ा हो, उस गाय के दूध के साथ नागकेशर का चूर्ण, पीरियड के बाद, सात दिन पीने के तत्पश्चात्‌ पति के साथ संबंध बनाने से पुत्र प्राप्ति होती है।

संतान प्राप्ति के उपाय

1. नवरात्रों मे दुर्गा माता व्रत व सप्तशती पाठ करें। उसके साथ कवच, कीलकम स्त्रोत, अर्गला स्त्रोत का भी‌ पाठ करे। शीध्र संतान प्राप्त होगी।
2. संतान लक्ष्मी माता का‌ 16 शुक्रवार व्रत व पूजन करें।
3. साई बाबा के 7, 11, 21 गुरुवार व्रत करें।
4. कृष्ण जी के बाल‌ स्वरूप, लड्डू गोपाल की‌ सेवा करे।
5. पूर्णिमा के दिन विष्णु भगवान तथा मां लक्ष्मी का व्रत व पूजन करे।
6. मां संतोषी के 16 शुक्रवार व्रत व पूजन करे। खट्टे का सेवन न करे। 17 व्रत मे उधापन करें।

संतान प्राप्ति के मंत्र

1. ॐ ह्रीं लज्जा जव्यं ठ: ठ: ल: ॐ ह्रीं स्वाहा।

विधि – पूर्णिमा के बाद, तृतीया तिथि से शूरू करके, 108 बार रोज जाप करना है। यह जाप स्त्री को करना है। जब तक‌ गर्भ धारण न हो जाए। पत्नी के साथ पत्ती भी कर सकता है।

2. ॐ यं ठं ठिं ठीं ठुं ठूं ठें ठैं ठौं ठ: ठ: ॐ। (साधक अपना नाम‌ ले)

विधि – आमस्या के पश्चात, किसी भी दिन इस मंत्र का 108 बार जाप करके। इसी मंत्र भोजपत्र या कागज पर लिखकर‌। ताबीज बना ले। फिर उस ताबीज को कमर पर धारण करे।
उसके पश्चात रो‌ज इस मंत्र का‌ 108 बार जाप करते रहे। जब तक गर्भ धारण न हो जाए। यह उपाय स्त्री को करना है।

3. ॐ परब्रह्म परमात्मने (पत्नी का नाम ले) गर्भे दीर्घ जीवी सुतम कुरु-कुरु स्वाहा। (पत्ति अपना नाम ले)

विधि – इस मंत्र का‌ जाप पत्ति को करना है। पूर्णिमा की रात्रि से, एक माला रोज जाप करे। यह क्रिया आपको तब तक‌‌ करनी है। जब तक आपकी पत्नी गर्भ धारण न कर लें।

4. ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं देवकीसुत गोविन्द वासुदेव जगत्पते देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः।

विधि – इस मंत्र का रोजाना जाप करें। आप जितना चाहे जाप कर सकते है।‌ इस मंत्र का‌ जाप आपको तब तक‌‌ करना‌ है। जब तक आप‌ गर्भ धारण न कर ले।

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महत्वपूर्ण जानकारी

पाठकों आप इनमें से जो भी उपाय या मंत्र जाप करते है। पूरी श्रध्दा भाव व सही विधि से करें। आपकी‌ संतान‌‌‌ प्राप्ति की मनोकामना आवश्यक पूरी होगी। आदेश।

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