Kufl, durood shareef fazeelaten, with full imfromision - MANTRAMOL

Kufl, durood shareef fazeelaten, with full imfromision

कुफ़्ल और दुरूद शरीफ के चमत्कारी प्रयोग ।। Kufl, durood shareef fazeelaten

Kufl, durood shareef fazeelaten, with full imfromision

साधको आज हम आपको ” Kufl, durood shareef fazeelaten के बारे बताने वाले है। कुुफ़्ल क्या होती है ? दुरूद शरीफ क्या होता है ? इनको रोज पढने से क्या लाभ होता है।

कुफ़्ल

हज़रत अब्दुल्लाह बिन नामान रजि. की रिवायत के अनुसार हुजूरे अकरम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया है ! कि जो शख़्स हर रात को यह 6 कुफ़्ल पढ़ेगा या लिखकर अपने पास रखेगा, वह सभी बलाओं से बचा रहेगा-

कुफ़्ल-1

जो शख्स रोज़ाना 1 हज़ार बार ‘अल्लाह’ पढ़ेगा, अल्लाह तआला उसे पूरा यक़ीन अता फ़रमाएगा। जो शख़्स जुमे के दिन जुमे की नमाज़ से पहले पाक-साफ़ होकर अकेले में 200 बार ‘अल्लाह’ पढ़ेगा, उसकी हर मुश्किल आसान हो जाएगी। यदि किसी मरीज़ के इलाज से डॉक्टर आजिज़ आ गए हों तो ‘अल्लाह’ का पाठ करके उसे अभिमंत्रित करें। मरीज़ अच्छा हो जाएगा बशर्ते उसकी मौत का वक़्त न आ गया हो।

कुफ़्ल-2

अगर रोज़ाना 7 दिनों तक लगातार 100 बार ‘अल ख़ालिक़’ पढ़ा जाए तो शख्स हर आफ़तों से बचा रहेगा।

कुफ़्ल-3

यदि रोजाना लगातार ज्यादा से ज्यादा बार ‘अलीम’ का उच्चारण किया जाए तो हक़ीक़त और उसके मारफ़त मालूम हो जाते हैं।

कुफ्ल-4

यदि कोई शख़्स किसी बला में फंस जाए और उसे रिहाई की तदबीर समझ में न आए तो ‘हुवल ग़नीयु’ का पाठ करके अपने हाथ पर दम करे। फिर तमाम बदन पर हाथ फेरे। इन्शा अल्लाह हर बला से छुटकारा पा जाएगा।

कुफ़्ल-5

रोजाना लगातार 7 दिनों तक अल ख़बीर’ का पाठ अधिक से अधिक बार करने से छिपी हुई बातें भी मालूम हो जाती हैं। अगर कोई आदमी अत्याचारी के पंजे में गिरफ्तार हो तो इसे पढ़ने से जुल्म से छुटकारा मिल जाता है।

कुफ़्ल-6

यदि किसी व्यक्ति को बुखार आता हो तो ‘हुवल ग़फ़र’ को 3 बार किसी कागज पर लिखकर उसे तावीज़ के तौर पर गले या बाजू में बांध दिया जाए तो बुख़ार जाता रहता है।

कुफ्ल-1

बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम! बिस्मिल्लाहिस्समीइल व सीरिल्लजी लै स क मिस्लिही शैउंव्वहुवल निकुल्लि शैइन अलीम. व सल्लल्लाहु अला मुहम्मदिव्व आलिहि अजमईन.

कुफ्ल-2

बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम! बिस्मिल्लाहिल ख़ालिक़िल अलीम. अल्लजी लै स क मिस्लिही शैउंव्वहुवल फ़त्ताहुल अलीम. बिरहमतिका या अरहमर्राहिमीन.

कुफ़्ल-3

बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम! बिस्मिल्लाहिस्समीइल अलीम. अल्लजी लै स क मिस्लिही शैउंव्वहुवल ग़नीयुल क़दीर. बिरहमतिका या अरहम हिमीन,

कुफ्ल-4

बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम! बिस्मिल्लाहिल अज़ीज़िल करीम. अल्लजी लै स क मिस्लिही शैउंव्व हुवल अजीजुल करीम. बिरहमतिका या अरहमर्राहिमीन.

कुफ़्ल-5

बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम! बिस्मिल्लाहिस्समीइल अलीम. अल्लजी लै स क मिस्लिही शैउंव्वहुवल अलीमुल ख़बीर. बिरहमतिका या अरहमर्राहिमीन.

कुफ़्ल-6

बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम! बिस्मिल्लाहिल अजीजिर्रहीम. अल्लज़ी लै स क मिस्लिही शैउँव्वहुवल अजीतुल गफूर फ़ल्लाहु खैरुन हाफ़िया बहुवा अरहमराहिमीन.

Haikal ki fazeelat ।। हैकल की फ़ज़ीलत

दुरूद शरीफ

दुरूद शरीफ़ के जरिये अल्लाह के रसूल मुहम्मद साहब सल्ल. को सलाम भेजा जाता है। इसे सच्चे दिल से पढ़ने पर अल्लाह की मेहरबानी बनी रहती है। हर तरह की समस्या या परेशानी दूर हो जाती है। जो शख्स एक बार दुरूद शरीफ़ का पाठ करता है, अल्लाह तआला उसकी दस बुराइयों को ख़त्म कर देता है। इसलिए निम्नवत् दुरूद शरीफ़ जरूर पढ़ना चाहिए-

अल्ला हुम्मा सल्ली अला मुहम्मदिव व अला आले मुहम्मदिन कमा सल्लयता अला इब्राहीमा व अला आले इब्राहीमा इन्नका हमीदुम्मजीद. अल्ला हुम्मा बारिक अला मुहम्मदिव व अला आले मुहम्मदिन कमा बारकता अला इब्राहीमा व अला आले इब्राहीमा इन्नका हमीदुग्मजीद.

दुरूद ताज शरीफ़

दुरूद ताज शरीफ़ को दुरूदों का सरताज कहा जाता है। इसमें प्यारे नबी मुहम्मदुर्रसूलुल्लाह सल्ल. अलैहि वसल्लम की विशेषताओं का बेहतरीन तरीके से वर्णन किया गया है। इसको पढ़ने से सर्वत्र सफलता प्राप्त होती है। जब भी समय मिले, निम्नवत् दुरूद शरीफ़ को ज़रूर पढ़ना चाहिए-

बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम! अल्ला हुमा सल्ली अला सय्यिदिना व मवलाना मुहम्मदिन साहिबित्ताजि वलमैराजि वल बुराकि बल अलमि. दाफ़िइल बलाई वल वबाई वल कहते वल म-र-ज़ि वल अलामि इस्मुहु मकतुबुम्म-मरउम्म मश्फूउम्म मनक़्शुन फ़िल्लवाहि वल कलम.सय्यिदिल अराबिवलअ-ज़ा मि. जिसमुहू मुक़द्दसुम मुअत्तरुम-मुताहरुम मुनव्वरुन फ़िल बयतीवल हरम. शमसिज्जुहा. बदरिद दुजा सदरिल उला नूरिल हुदा काहफ़िल वरा. मिसबाहिज्जुलम-जमाशिश्शीयमी. शफीइल-उमम साहिबिल जूदि वल क-र-मि. वल्लाहु आसिमुह व जिबरीलु खदिमुहु वल बुरानु मरकबूहू वल मेअराजु.स-फ-रूहु व सिदरतुल मुनतहा मनामुह वक़ाबा कवसयनि मतलूबुह वल मतलूबूमकसूदूहु वलमकसूदू मवजूदुहु सय्यिदिल मुरसलीना ख़तीमन्न बिय्यीना शफ़ीइल मुजनिबीमा अनीसिल गरिबीना रहमतिललिल आलमीना राहतिल आशिकीना मुरादिल मुताक्रीना शमसिल आरिफ़ीना सिराजिस्सालिकीना मिसवाहिल मुकर्रबीना मुहिब्बिल फुकाराई वल गुराबाई वल मसाकीनी सय्यिदिसस्क-लयनिि नबिय्यिल ह-र-मयनि इमामिल क़िब लतयनि वसीलतिना फिद्दारयनि साहिबि क़ाबा क़वसयनि महबूबि रब्बिल मशरिक़यनि वल मगरिबयनि जददिल हसानि वल हुसय्यनि मवलाना व मवलस्सकलयनि-क-लयनि अबिल क़ा-सिमि मुहम्मदिबिनि अब्दिल्लाहि नूररिम्मिन नूरिल्लाहि या अय्युहल मुशताक़ूना बिनूरि जमालिहि सल्लू अलैहिव आलिहि व असहाविहि व सल्लिम तसलीम.

lakh data peer sadhna।। लखदाता पीर चौंकी मंत्र

अहदनामा शरीफ़

अहदनामा शरीफ अत्यंत महत्वपूर्ण एवं उपयोगी माना गया है। यह किसी इस्मे-आजम से कम नहीं है। इसको पढ़ने वाले व्यक्ति की हर मुश्किल आसान होकर उसके दिल की मुराद पूरी हो जाती है-

बिस्मिल्लाहिरहमानिर्रहीम! अल्लाहुमा फ़ातिरस्समावाति वल अर्जि आलिमुल ग़यबी वश्शहादति अंतर्रहमानुर्रहीम. अल्ला हुम्मा इन्नी अहदु इलयका फ़ी हाज़िहिल हयातिद दुनिया व अशहदु अल्ला इलाहा इल्ला अन्ता वहदका ला शरीका लका व अशहदु अन्ना मुहम्मदन अबदुका व रसूलुका फ़ला तकिलनी इला नफ्सी फ़इन्नका इन तकिलनी इला नफ़्सी तुकरिबनी इलश्शरि व तुबाइदनी मिनलख़यरि व इन्नी ला अन्तक़िलू इल्ला बिरहमतिका फ़जअल ली इन्दिका अहदन तुवफ्फीहि इला यवमल क़ियामति इन्नका ला तुखलिफुल मीआद. व सल्लल्लाहु तआला अला ख़यरि ख़लक़िहि मुहम्मदिंव व आलिहि व असहाबिही अजमईन. बिरहमतिका या अर्रहमर्राहिमीन.

        ( Kufl durood shareef fazeelaten )

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