खाटू श्याम जी से मन की बात कैसे कहें? जाने बाबा के सामने प्रार्थना करने का सही तरीका
खाटू श्याम बाबा का परिचय
श्री खाटू श्याम बाबा ही का असली नाम बर्बरीक है। इन्हें श्याम और सुह्रदय का नाम वासुदेव श्रीकृष्ण जी ने दिया था। महाभारत काल के समय बर्बरीक ने अपना शीश श्री कृष्ण जी को दान मे दिया था। इस बात पर प्रसन्न हो श्रीकृष्ण जी ने उन्हें अपना श्याम नाम दे दिया तो और ये भी कहा था। कलयुग मे जो भी जीवन से हारकर तुम्हारे दरबार आएगा। वह कभी खाली नही जायेगा। आज हम जानेगें कि खाटू श्याम जी से मन की बात कैसे कहें और बाबा से प्रार्थना करने का सही तरिका।
श्याम बाबा का परिवार
पिता: घटोत्कच
माता: मोरवी ( कामकंटकटा )
दादा : पांडु कुल भूषण महाबली भीम सेन
दादी: माता हिडिंबा
जीवन मे कई बार ऎसी परिस्थितियां आ जाती है। हम अपने मन की बात किसी से नही कह पाते।
ऎसा नही की आप कहना नही चाहते, कहना तो चाहते है पर आपको लगता है कि आपके मन की
बात कोई नही समझ सकेगा। इस कारण से नही कह पाते। अंत मे हमारे पास एक ही मार्ग रह जाता है
कि हम अपने भगवान (इष्ट) से अपने मन की बात कह सकते है। लेकिन आपको ये नही पता होता की
अपने मन की बात उनके तक कैसे पहुँचाए। एक प्रश्न ये भी उठता है कि उनसे सही तरीके से प्रार्थना कैसे करे।
ताकि आपके मन की बात उन तक पहुँच सके। यही बात खाटू श्याम भक्तों के मन मे भी आती है।
कि हम “खाटू श्याम जी से मन की बात कैसे कहें? बाबा के सामने प्रार्थना करने का सही तरीका” क्या है।
क्या इसके लिए मंत्र, पूजा, या विशेष विधि की जरुरत है, जिसे हम अपने मन की बात बाबा तक पहुंचा सके।
आज के इस लेख में हम इसी बात पर चर्चा करेंगे। कि खाटू श्याम जी के सामने प्रार्थना कैसे करें,
उनसे मन की बात किस तरह कहें और प्रार्थना करते समय किन्ह बातों का ध्यान रखना चाहिए।
खाटू श्याम जी से मन की बात कैसे कहें?
वैसे से कहा जाता है कि खाटू श्याम जी या फिर किसी भी भगवान से मन बात कहने के लिए ,
ना तो किसी मंत्र की आवश्यकता होती न ही किसी विशेष पूजा और विधि कि, भगवान तो सच्ची श्रद्धा,
विशवास और प्रेम के भूखे होते हैं। एक बार सच्चे मन से प्रार्थना करने पर अपने भक्तों की बात आवश्य सुनते है।
पर इस बात कई लोगों के विचार इसे अलग भी हो सकते हैं। कुछ लोगों का मानना है। कि श्याम बाबा को
प्रसन्न करने के लिए कुछ विशेष प्रकार विधियाँ है। जिसे बाबा को बहुत जल्दी प्रसन्न किया जा सकता है।
उस विधियों के बारे मे आगे बात जरुर करेंगे। लेकिन उसे पहले हमे ये भी जान लेना चाहिए,
इस बात पर सनातन धर्म और धार्मिक मान्यताएं क्या कहती है।
सनातन धर्म की धार्मिक मान्यताओं के अनुसार
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सनातन धर्म मे कहा जाता है। कि भगवान तो हर समय हमारे
अन्दर ही वास करता है, उन्हें बाहर ढूंढने की जरुरत ही नही होती। तो फिर इस बात पे तो सवाल
ही नही उठता की भगवान हमारे मन की कोई बात नही सुनते। महान ऋषि मुनियों का तो ये भी
कहना है कि भगवान तो अजर अविनाशी है, उनसे तो कुछ नही छुपा, वह सब जानते है। इस बात
पर अलग-अलग लोगो के अलग-अलग विचार भी हो सकते है। किंतु इन सब बातो का उत्तर तो
आपको भागवत गीता मे भगवान श्रीकृष्ण भी देते हैं। इसके अतिरिक्त हमारे धार्मिक ग्रंथो मे भी मिलता है।
कैसे करे खाटू श्याम बाबा जी से मन की बात
जैसे की मैंने आपको पहले ही बताया है। श्याम बाबा या किसी अन्य भगवान को मन की बात कहने के लिए
किसी भी विधि की जरुरत नही। फिर भी मैं आपको कुछ उपाय नीचे बता रहा हूँ ।
प्रार्थना के द्वारा कैसे कहे मन की बात
दीपक के द्वारा अर्जी
जो आज आपको ये उपाय मैं बताने जा रहा हूँ मेरे खुद के द्वारा इस्तमाल किया गया है।
अगर आप श्याम बाबा जी का दिपक रोज लगाते हैं तो ठीक। यदि आप रोज नही लगा सकते
तो भी आप ये उपाय कर सकते है। गुरुवार की सुबह दीपक लगाकर खाटू श्याम बाबा का आह्वान करे।
उसके पश्चात दिपक की लौ पर अपना ध्यान केंद्रित करे और श्याम बाबा का मंत्र जाप करें, बाबा के मंत्र
आपको नीचे मिल जाएंगे। फिर आपके मन मे जो भी बाते है, बाबा के सामने कह दीजिये।
ऎसा आपको 5-7 गुरुवार करना है। बाबा आपकी अर्जी अवश्य स्वीकार करेंगे
एकादशी और द्वादशी की विधि
एकादशी और द्वादशी की विधि बहुत विशेष है, इसे आप एक बार जरुर इस्तमाल करना।
दसमी तिथि वाले दिन ही आपको सारी तैयारियां कर लेनी चाहिए।
उसके लिए आपको कुछ सामग्री की आवश्यकता होगी।
पूजा की सामग्री
- देसी घी या तिल का तेल ज्योत के लिए,
- पीतल या मिट्टी का दीपक,
- गुलाब के फूल,
- भोग लगाने के लिए प्रसाद ( चूरमा, खीर, )
- तिलक के लिए चंदन
- खाटू श्याम बाबा का चित्र
- फूलो की माला
- लोहे की चिमटी ज्योत कि बाती को ठीक करने के लिए।
- धूप या अगरबत्ती
- गुलाब का इत्र (सेंट)
- मौली ज्योत की बाती बनाने के लिए।

एकादशी की सुबह नहा कर साफ वस्त्र डाल कर पूजा की तैयारी करें। फिर बाबा के चित्र के आगे बैठकर
खाटू श्याम बाबा का आह्वान करे। जो ऊपर आपको सामग्री बताई है। उसका इस्तमाल करे ये सब कर लेने
के बाद हाथ मे फूल या जल लेकर एकादशी से शुरू होकर द्वादशी रात्रि 12 बजे तक ज्योत जलाने और
पूजा-पाठ करने का संकल्प ले लीजिए। उसके पश्चात ज्योत लगाकर सबसे प्रथम गणेश वंदना करे। फिर खाटू श्याम बाबा
की पूजा आरम्भ करे उसमे आप श्याम चालीसा, स्तोत्र और मंत्र जाप सब कर सकते है। ये पूजा समाप्त करने के
पश्चात श्याम बाबा के सामने अपनी मनोकामना बताए। और एक कागज़ पर अपने मन की सब बाते लिखकर
ज्योत के पास रख दें। बस इसी प्रकार अपनी पूजा को द्वादशी तक चालू रखे द्वादशी के दिन शाम के समय
5 बजे के पास भोग लगाए। और ज्योत को रात्रि 12 बजे तक चलने दे। इस पूजा के कुछ दिनो पश्चात आप खुद देखेंगे
आपको क्या परिणाम नजर आते है। आप खुद मुझे आकर बताएगें।
नारियल से लगाए अर्जी
आप नारियल से भी श्याम बाबा को अर्जी लगा सकते हैं। सवा दो मीटर पीला कपड़ा, पानी वाला नारियल,
11 या 21 रुपे। नारियल को पीले कपड़े मे रखकर, पैसे भी साथ डाल दें। पीले कपड़े को अच्छे फोल्ड करके,
ऊपर से मौली लपेट दे, एक बात याद रखें गांठ नही लगानी सिर्फ अच्छे से लपेट कर उसी मे फंसा दें।
फिर उसके पश्चात अपनी जो भी अर्जी हो बाबा को बोलकर कह दें। और ये भी कह दे कि बाबा अगर मेरा कार्य पूर्ण हो गया
मै आपके दरबार दर्शन करने अवश्य आंउगा। अब ये आपके समर्थन पर निर्भर करता है, अगर तो आप खाटू श्याम धाम
राजस्थान जा सकते है तो वहीं के लिए कहना, यदि आप वहाँ नही जा सकते तो ये भी कह सकते है। हमारे पास जो भी मंदिर हैं
वहाँ दर्शन करने अवश्य आंउगा या फुर आंउगी।
खाटू श्याम मंत्र
मुख्य मंत्र: ॐ श्री श्याम देवाय नम:
बीज मंत्र: ॐ ह्रीं श्रीं श्याम देवाय नम:
श्याम गायत्री मंत्र: ॐ श्री श्याम देवाय विद्महे, बर्बरीकाय धीमहि, तन्नो श्यामः प्रचोदयात्।
कष्ट निवारण मंत्र: ॐ श्याम देवाय बर्बरीकाय हरये परमात्मने, प्रणतः क्लेशनाशाय सुहृदय नमो नमः



