पूजा में चढ़ाए हुए फूलों का क्या करें? जानें सही तरीका
हिन्दू धर्म मे पूजा-पाठ करते समय फूल चढ़ाना बहुत शुभ माना जाता है। और यह हमारी धार्मिक परम्परा भी है।
हमारे घरों मे किसी प्रकार की पूजा-पाठ, व्रत, हवन, या त्यौहारों के अवसर पर भगवान को फूज चढ़ाए जाते है।
लेकिन आप सब के मन मे हमेशा एक सवाल आता है, कि ” पूजा मे चढ़ाए हुए फूलों का क्या करें “? इन्हें फेंक देना चाहिए।
या इसका दूसरा क्या उपयोग कर सकते है। आज हम इस लेख मे जानेगें।
पूजा में चढ़ाए हुए फूलों का क्या करें?
आप सब पूजा के समय भगवान को बढ़ी श्रद्धा से फूल चढा़ते हैं। पूजा के बाद मे आप उन्हें हटाने
और रखने के सही तरीके को लेकर सोचते रहते है। कि इन्ह फूलों का क्या किया जाए। पूजा के
फूलों को कभी भी कूड़े नही फेकना चाहिए।

पूजा में चढ़ाए गए फूल कब हटाने चाहिए?
घर के मंदिर मे पूजा-पाठ के समय चढ़ाए गये, फूलों को पूजा के तुरंत बाद कभी भी नही उठाना चाहिए।
भगवान पर चढ़ाए गये फूलों को पूजा के अगले दिन उठा सकते है,
या फिर फूलों के सूखने के बाद भी बदला जा सकता है। लेकिन पूजा, हवन और त्योहारों के समय चढ़ाए गये
फूलो को अगले दिन ही हटाना चाहिए।
मंदिर में चढ़ाए गए फूल जब मुरझाने या सूखने लगें, तब भी उन्हें हटाया जा सकता है। बहुत से लोग रोजाना
पूजा के बाद पुराने फूल हटाकर उसके स्थान पर नए फूल चढ़ा देते हैं,
क्या करें पूजा में चढ़ाए हुए फूलों का?
1. पौधों या मिट्टी मे डालें
यदि आपके घर मे गमले, बगीचा या पेड़ पौधों हो, तो उसमे फूलों का सूखा कर डाला जा सकता है।
इसके अतिरिक्त फूलों को अच्छे से सूखा कर छोटे-छोटे टुकड़ों मे तोड़कर, मिट्टी मे गड्ढा खोदकर
उसके अंदर भी दबाया जा सकता है।
2. घर मे रखें
पूजा मे भगवान को चढ़ाए गये फूलों, अगले दिन उठाकर उन्हें सूखने के लिए साफ़ सुथरे स्थान पर रख दे।
सूकने के बाद लाल या पीले रंग के कपड़े मे बांधकर घर के खजाने या फिर अलमारी मे सम्मान पूर्वक रख दें।
हफ्ते मे एक बार रखे गये फूलों को धूप अवश्य दिखाते रहे।
3. जल मे प्रवाहित करें
हवन, पूजा-पाठ, या फिर घर के मंदिर मे चढ़ाए गये फूलो को अगले दिन नदी-नहर मे सम्मान पूर्वक प्रवाहित करें।
फूलों को अपमान पूर्वक ऊपर से ऎसे नही फेंके की वह बाहर गिर जाए और फूलों का अपमान हो जाए।
फूलों को जल मे प्रवाहित करने का सही तरीका यही है कि उसे नदी-नहर के किनारे जाकर अच्छे से प्रवाहित करें।
4. फूलों से बनाए धूप-अगरबत्ती
पूजा-पाठ और भगवान पे चढ़ाए गये फूलों को अच्छी तरह सुखाकर पीस के पाउडर बना ले।
फिर कपूर, लोवान या गूगल को पीस कर उसका भी पाउडर बना ले।
फिर फूलों को चंदन पाउडर, लोवान, गूगल और गाय का देसी घी को गुलाब जल या थोड़ा सा पानी
डालकर आटे की तरह गूथकर धुप बनाकर अच्छे से सूखा ले, आपकी धूप इस्तेमाल के लिए तैयार है।

5. क्या चढ़ाए गए फूल दोबारा इस्तेमाल किए जा सकते हैं?
भगवान को चढ़ाए गये फूल या फिर किसी भी पूजा मे इस्तेमाल किये फूलों को फिर से पूजा-पाठ मे
इस्तेमाल नही किया जा सकता, ऎसा करने से दोष बनता हैं, और भगवान का अपमान माना जाता है।
हमारे सनातन धर्म के पूजा नियम अनुसार देवी-देवता को एक बार चढ़ाई ग ई कोई भी
सामग्री को फिर से इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इसलिए इस बात का खास ध्यान रखा जाए।
अगर फूल अभी अच्छी स्थिति में हैं, तो उन्हें घर के किसी पवित्र स्थान पर कुछ समय के लिए
रखा जा सकता है, लेकिन दोबारा पूजा में उपयोग करने से पहले सनातन धर्म के नियमों का
ध्यान रखना उचित रहेगा।
पूजा के फूल हटाते समय इन बातों का रखें ध्यान
फूलों को हटाते समय कूछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरुरी है। जैसे कि :-
- भगवान को चढ़ाए गये फूलों को उठाने से पहले मंदिर मे स्थापित इश्वर से
प्रार्थना करने के पश्चात ही फूलों को उठाना चाहिए। - फूलों को कूड़े कचरे मे नी फेकना चाहिए।
- प्लास्टिक से बनाए गये फूलों और माला को अलग रखना चाहिए।
- गंदे नाले या किसी भी खाली स्थान पर पूजा सामग्री कभी नही फेंके।
- नहा धोकर, साफ़ सुथरा होकर ही फूलों को हाथ लगाना चाहिए।
- मासिक धर्म ( पीरियड ) के दौरान महिलाओं को फूलों एवं मंदिर को स्पर्श नही करना चाहिए।
घर के मंदिर की सफाई रखनी क्यों जरूरी है?
- मंदिर की सफाई रखनी इसलिए बहुत जरुरी है। क्योंकि मंदिर सिर्फ पूजा-पाठ करने का एक स्थान नही,
- हमारी श्रद्धा और भावना से जुड़ा होता है। मंदिर को देवी देवताओं के रहने का स्थान ( घर ) माना जाता है।
- जिस प्रकार हम अपने घर को साफ सुथरा रखते हैं, इसी प्रकार मंदिर हमारे भगवान का घर माना जाता है।
- पूजा स्थल को साफ सुथरा रखने से भगवान प्रसन्न होते हैं। और हम पर अपनी कृपा करते हैं।
Disclaimer : ( पूजा में चढ़ाए हुए फूलों का क्या करें? )
यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सनातन की परंपराओं पर आधारित है।
इसके लिए मंत्रमोल उत्तरदायी नही है।
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