पूजा में दीपक बुझ जाए तो क्या करें? जानिए धार्मिक मान्यता और सही तरीका
पूजा में दीपक बुझ जाए तो क्या करें: यह सवाल अक्सर लोगों के मन मे आता है। घर के मंदिर मे या किसी भी पूजा स्थल पर पूजा करते समय दीपक का बुझ जाना, ऐसा होता ही रहता है। सवाल तो यही उठता है इसे क्या समझे कोई बुरा संकेत या फिर सिर्फ एक इत्तेफाक। लोगों के मन मे बहुत सारे प्रश्न उठने लगते है।
फिर चाहे दिपक के बूझने का कारण कोई भी हो। लेकिन यह जरुरी नही होता की हर समय दीपक के बुझने का कारण बुरा संकेत ही हो। यह तो सिर्फ हमारे मन का एक भ्रम हो सकता है। दीपक तेज़ हवा के कारण भी बुझ सकता है, या फिर बाती सही तरह से ना बनाई गई हो, दीपक मे तेल खत्म हो गया हो। आज हम यही जानेगें, कि पूजा में दीपक बुझ जाए तो क्या करें, इसके पीछे की धार्मिक मान्यताएँ क्या है।
पूजा में दीपक का क्या महत्व है?
सबसे पहले ये जानना बहुत आवश्यक है, कि पूजा मे दीपक जलाने का क्या महत्व है,
आखिर दीपक क्यों जलाया जाता है। सनातन धर्म मे दीपक जलाने की बहुत पुरानी परंपरा है।
दीपक का प्रकाश अंधकार को नष्ट करके ज्ञान के प्रकाश को फैलाता है। सनातन धर्म के
अनुसार दीपक भगवान और भक्त के बीच पवित्र संबंध को बनाता है, सकारात्मक उर्जा
और वातावरण को शुद्ध करता है। हिन्दू धर्म की धार्मिक परम्पराओं के अनुसार किसी भी
प्रकार की पूजा क्यों ना हो दीपक अवश्य जलाया जाता है। कुछ घरों मे तो अपने इष्ट भगवान
के सामने सुबह-शाम दीपक जलाया जाता है। सभी धर्मों की अलग-अलग परम्पराएं होती है, और
इसी धार्मिक महत्व के कारण जब दीपक बीच पूजा के बुझ जाता है तो सवाल मन मे आना स्वाभाविक है।
पूजा में दीपक बुझ जाए तो क्या करें?
अगर पूजा करते समय दीपक बुझ जाए, सबसे पहले यह बात ध्यान मे रखे कि आपको घबराना नही चाहिए।
और मन मे यह विचार भी नही आना चाहिए, कि यह कोई बुरा संकेत है। फिर आपको यह जानना चाहिए
कि दीपक के बुझने का क्या कारण है। जैसे तेल या घी कम होना, हवा के कारण, बाती सही तरह से ना
बनी होना या पूरी बाती जल गई हो। ऐसी स्थिति मे मन को शांत रखकर दीपक को दोबारा जलाया जा सकता है।
फिर कारण कोई भी हो उसको ठीक करके दीपक को फिर से जला लेना चाहिए।
और अपनी पूजा को जारी रखना चाहिए।
क्या पूजा का दीपक बुझना अशुभ संकेत है?
जी नही ऐसा बिल्कुल भी नही होता, दीपक के बुझने पर कोई बुरा संकेत नही होता।
यह तो सिर्फ हमारा एक भ्रम होता है। ऐसा विचार आपको कभी भी मन मे नही लाना चाहिए।
सिर्फ आपको अपने इष्ट भगवान पर विशवास रखना चाहिए। क्योंकि ऐसा हमारे किसी भी
धार्मिक ग्रंथ मे नही लिखा गया। कि अगर पूजा के समय दीपक बुझ जाए, तो इसे अशुभ
संकेत मानना चाहिए। अगर ऐसा होता तो हमारे ऋषि मुनि इन्ह बातो को सबसे पहले धार्मिक
ग्रंथों मे लिखते। अगर आप लोगों के साथ भी ऐसा हो जाता है तो आपका घबराना नही चाहिए।
दीपक को फिर से जलाकर अपनी पूजा आरम्भ कर देना चाहिए।

दीपक बुझने के क्या कारण हो सकते हैं?
जैसे की यह बात मैं आपको को पहला भी बता चूका हूँ कि दीपक का बुझना
कोई बुरा संकेत नही होता। हां इसके पीछे कुछ कारण हो सकते है।
1.बाती सही तरह से ना बनाई गई हो
जब आप दीपक के लिए बाती बनाते है आपको विशेष ध्यान रखना चाहिए की बाती सही
तरह से बाटी गई हो। आप बाती को रूई या मौली से बना सकते है। बाती बनाते समय हाथ
पर हल्का सा पानी लगाकर बाटे। इसे बाती कभी भी नही खुलती।
2.तेज हवा के कारण
दीपक बुझने का सबसे मुख्य यही कारण हो सकता है। पंखा या खिड़की से
हवा आने के कारण दीपक बुझ सकता है। जब आप दीपक जलाए तो खिड़की
और पंखे को बंद कर दे। यदि आपकी पूजा लम्बे तक करनी हो तो आप दीपक
पर कांच या स्टील से बनी चिमनी भी ढक सकते हैं।
3.बत्ती का पूरी तरह जल जाना
कभी-कभी आप क्या करते है जल्दबाजी मे दीपक मे अच्छी तरह से तेल या घी नही डालते।
जिसके कारण बाती सूखी रह जाती है जब आप बाती को जलाते है तो बाती पूरी तरह जल जाती है
और दीपक बुझ जाता है। जब भी आप दीपक जलाओ उसे पहले बाती को अच्छी तरह तेल या घी मे डुबा लेना चाहिए।
4.तेल या घी का कम होना
अगर दीपक मे तेल या घी आपने बहुत कम मात्रा मे डाला है तो बाती जल्दी जल जाती है।
जितना तेल या घी दीपक मे होता है, उतना पर्याप्त नही होता जिसे दीपक बुझ जाता है।
इसका कारण ये भी हो सकता है जितना तेल या घी दीपक मे डला हो उतना समय जल जाता है।
और फिर बाद मे बुझ जाता है।
दीपक दोबारा जलाते समय क्या ध्यान रखें?
पूजा के समय यदि दीपक बुझ जाए तो उसे दोबारा जलाते समय कुछ बातो का ध्यान रखा जा सकता है।
सबसे पहले दीपक को सुरक्षित जगह पर रखे। उसके बाद उसमे बाती को अच्छे से लगाएं और तेल
या घी को पर्याप्त मात्रा मे डालें। उसके पश्चात आप अपनी पूजा को फिर शुरू कर सकते हैं।
अगर आरती के समय भी दीपक बुझ जाए, तब भी आप दीपक को पुनः जलाकर आरती पूरी कर सकते हैं।
पूजा के दीपक को बुझने से कैसे बचाएं?
यदि घर के मंदिर मे पूजा के समय बार-बार दीपक बुझ जाता है।
तो किन्ह बातो का ध्यान रखा जा सकता है।
- बाती को अच्छी तरह से बाटे।
- दीपक मे पर्याप्त मात्रा मे तेली या घी डालें।
- ज्यादा छोटी बाती का इस्तमाल ना करें।
- दीपक को पंखे या तेज हवा से बचाकर रखें।
- बाती को सही तरीके से दीपक मे डालें।
- दीपक को उंचे-नीचे स्थान पर ना रखें।
- अगर दीपक की लौ कम होती लगे तो बाती को चिमटी की सहायता से ऊपर की ओर खीचे।
- दीपक की लौ के ऊपर बार-बार हाथ ना फेरे।
- बच्चों को दीपक से हमेशा दूर रखना चाहिए।
- दीपक के साथ बार-बार छेड़छाड़ नही करनी चाहिए।



